30 से अधिक खामियों का फायदा उठा सकता है यह मालवीय D-link Netgear ZTE और LINKSYS जैसी कंपनियों के डिवाइस में मौजूद है

देहरादूनः हम आपके लिए लाए हैं साइबरसिक्योरिटी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी।

 

यदि आप भी वाईफई के लिए राउटर का करते हैं इस्तेमाल और उसी राउटर के जरिए IOT डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है हैकर्स ने आईओटी डिवाइस और राउटर का सोर्स कोड (Github)जीआईटी हब पर अपलोड कर दिया है इसका मतलब यह है कि हैकर इसका इस्तेमाल साइबर अटैक के लिए कर सकते हैं।

At&t alien लेब के शोधकर्ताओं ने सबसे पहले इसे लेकर जानकारी दी थी, शोधकर्ताओं के मुताबिक एक नया मैलवेयर एक्टिव हो गया है जो कि काफी खतरनाक है और इसका नाम (botenago) रखा गया है इस मालवीय को (Go)गो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लिखा गया है, यह मालवीय राऊटर की 30 से अधिक खामियों का फायदा उठा सकता है जो कि linksys, dlink netgear और ZTE जैसी कंपनियों के डिवाइस में पहले से ही मौजूद है।

Botenago को खासतौर पर रिमोट एक्सेस के लिए डिजाइन किया गया है इसका सोर्स कोड github पर सार्वजनिक तौर पर दिया गया है। यह मालवीय आईपी एड्रेस और वॉइस कमांड के जरिए अपना काम कर सकता है सबसे बड़ी बात यह है कि इस मालवीय को कुल 60 एंटीवायरस में से बस सिर्फ तीन ही एंटीवायरस सॉफ्टवेयर डिटेक्ट कर सकते हैं।

Botenago जिन डिवाइसों की कमजोरियों का फायदा उठा सकता है उनमें dlink वॉयरलैस राउटर में cve 2015-2051 , netgear के cve 2016-1555, linksys के cve 2013-3307 और zte के cve 2014-2321 की सीरीज शामिल है।

देखिए कहीं आपके पास तो नहीं है इन सीरीज के राउटर यदि है तो तुरंत अपने सिक्योरिटी एक्सपर्ट से संपर्क करें।

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